CMDLearn

सीखें

कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 8 आनुवंशिकता: Hindi medium नोट्स और 8 प्रश्न-उत्तर

CMDLearn ·

NCERT की कक्षा 10 की हिंदी माध्यम की विज्ञान पाठ्यपुस्तक विज्ञान का आठवाँ अध्याय "आनुवंशिकता" है, पेज 141 से 147 तक। यह छोटा अध्याय है, पर इसमें अनुपात और चित्र बहुत पूछे जाते हैं। यह गाइड दो काम करती है:

पाठ्यपुस्तक साथ में खुली रखें। यहाँ की व्याख्याएँ, उदाहरण और प्रश्न हमारे अपने हैं; अंतिम बात पाठ्यपुस्तक की ही मानें। अंग्रेज़ी में इसी अध्याय के नोट्स चाहिए, तो Class 10 Heredity notes देखें।

यह गाइड सीधे हिंदी में लिखी गई है, पर किसी हिंदी-माध्यम शिक्षक ने अभी इसकी भाषा नहीं जाँची है (native review pending)।

परीक्षा में यह अध्याय

CBSE ने 2026-27 के लिए कक्षा 10 विज्ञान की वार्षिक परीक्षा 80 अंकों की रखी है। यह अध्याय इकाई II, "World of Living", में आता है, जिसके कुल 25 अंक हैं (CBSE पाठ्यक्रम, पेज 4)। पाठ्यक्रम में इसके हिस्से हैं: आनुवंशिकता, मेंडल का योगदान और लक्षणों की वंशागति के नियम, और लिंग निर्धारण का संक्षिप्त परिचय (पेज 5)। CBSE अध्याय-वार अंक नहीं देता।

एक बात ध्यान रखें: उसी पाठ्यक्रम के "Note for Teachers" (पेज 6) में लिखा है कि "Heredity and Evolution" वार्षिक परीक्षा में नहीं पूछा जाएगा, जबकि पेज 5 की इकाई-सूची में आनुवंशिकता शामिल है। आपके स्कूल में कौन-सी बात मानी जा रही है, यह अपने शिक्षक से पूछ लें। अध्याय फिर भी पढ़ने लायक है, क्योंकि आंतरिक मूल्यांकन और आगे की कक्षाओं में यही आधार बनता है।

1. विभिन्नताएँ कैसे जमा होती हैं (8.1, पेज 141-142)

2. वंशागत लक्षण और मेंडल का एक-लक्षण प्रयोग (8.2.1-8.2.2, पेज 142-143)

पीढ़ीक्या मिलाजीन-संयोजन
जनकलंबा पौधा × बौना पौधाTT × tt
F₁सारे पौधे लंबे, कोई बीच की ऊँचाई वाला नहींTt
F₂ (F₁ का स्वपरागण)लगभग तीन-चौथाई लंबे, एक-चौथाई बौनेTT, Tt, tt (1 : 2 : 1)

3. दो लक्षण एक साथ: स्वतंत्र वंशागति (8.2.2, पेज 144)

4. जीन लक्षण कैसे दिखाता है (8.2.3, पेज 144-145)

5. जनन कोशिका में जीन का एक ही सेट (पेज 145)

6. लिंग निर्धारण (8.2.4, पेज 145-146)

मुख्य शब्द एक नज़र में

शब्दअर्थ
आनुवंशिकतालक्षणों का एक पीढ़ी से अगली पीढ़ी में जाना
विभिन्नताएक ही प्रजाति के जीवों में अंतर
जीनडी.एन.ए. का वह हिस्सा जो एक प्रोटीन की सूचना रखता है
प्रभावी लक्षणजो एक प्रति होने पर भी दिख जाए (जैसे T)
अप्रभावी लक्षणजो दोनों प्रतियाँ होने पर ही दिखे (जैसे tt)
F₁, F₂पहली और दूसरी संतति पीढ़ी
स्वपरागणपौधे के अपने परागकणों से परागण
लिंग गुणसूत्रX और Y; स्त्री XX, पुरुष XY

7. तीन गलतियाँ जो अंक काटती हैं

  1. F₂ का अनुपात गलत लिखना। दिखने वाले लक्षण (लंबा : बौना) 3 : 1 में होते हैं, पर जीन-संयोजन (TT : Tt : tt) 1 : 2 : 1 में। प्रश्न किसे पूछ रहा है, पढ़कर लिखें।
  2. "बौने पौधे में लंबाई का जीन नहीं" लिखना। बौने पौधे (tt) में भी लंबाई का जीन है, बस उसकी दोनों प्रतियाँ कम दक्ष एंजाइम वाली हैं।
  3. माता को लिंग का निर्धारक लिखना। माता हर बच्चे को X ही देती है; लड़का या लड़की, यह पिता से मिले गुणसूत्र पर निर्भर है।

8. हमारे 8 प्रश्न, उत्तर के साथ

पहले कॉपी पर खुद हल करें, फिर उत्तर देखें। ये प्रश्न हमारे अपने हैं, किताब के अभ्यास-प्रश्न नहीं। सारी गिनतियाँ "लगभग" हैं, क्योंकि असली प्रयोग में अनुपात थोड़ा ऊपर-नीचे होता है।

प्रश्न 1. सीमा ने देखा कि उसके गाँव के गन्ने के खेत में सारे पौधे लगभग एक जैसे हैं, जबकि उसकी कक्षा के 40 बच्चों में कोई भी दो बिल्कुल एक जैसे नहीं। (a) दोनों में अंतर की मात्रा इतनी अलग क्यों है? (b) गन्ने के पौधों में जो थोड़ा-बहुत अंतर है, वह कहाँ से आता है?

उत्तर: (a) गन्ने के खेत में अंतर कम है क्योंकि वहाँ जनन अलैंगिक है, जबकि बच्चे लैंगिक जनन से बने हैं, जिसमें विविधता कहीं अधिक होती है; (b) डी.एन.ए. की प्रतिकृति में होने वाली छोटी त्रुटियों से। किताब गन्ने के खेत और मनुष्यों की यही तुलना करती है (पेज 141)। अलैंगिक जनन में एक ही जनक होता है, इसलिए संतति आपस में बहुत मिलती है; थोड़ा अंतर केवल डी.एन.ए. की प्रतिकृति के समय की छोटी गलतियों से आता है (पेज 141)।

प्रश्न 2. मटर में गोल बीज (R) झुर्रीदार बीज (r) पर प्रभावी है। गोल बीज वाले शुद्ध पौधे (RR) का झुर्रीदार बीज वाले पौधे (rr) से संकरण कराया गया, और F₁ पौधों के स्वपरागण से F₂ में 600 बीज मिले। (a) F₁ के बीज कैसे होंगे? (b) F₂ में लगभग कितने बीज गोल और कितने झुर्रीदार होंगे? (c) गोल बीजों में से लगभग कितनों में दोनों प्रतियाँ R होंगी (RR)?

उत्तर: (a) सब गोल (Rr); (b) लगभग 450 गोल, 150 झुर्रीदार; (c) लगभग 150। (a) हर F₁ बीज को एक R और एक r मिलता है; R प्रभावी है, इसलिए सब गोल (पेज 144)। (b) F₂ में RR : Rr : rr = 1 : 2 : 1, यानी गोल : झुर्रीदार = 3 : 1। 600 × 3/4 = 450 गोल, 600 × 1/4 = 150 झुर्रीदार (चित्र 8.3 का पैटर्न, पेज 143)। (c) 600 में RR = 600 × 1/4 = 150; बाकी 300 गोल बीज Rr हैं। यानी गोल बीजों में केवल एक-तिहाई ही RR हैं।

प्रश्न 3. मटर में बैंगनी फूल (V) सफ़ेद फूल (v) पर, और पीला बीज (Y) हरे बीज (y) पर प्रभावी है। बैंगनी फूल और हरे बीज वाले शुद्ध पौधे (VVyy) का सफ़ेद फूल और पीले बीज वाले शुद्ध पौधे (vvYY) से संकरण कराया गया। (a) F₁ पौधे कैसे होंगे? (b) F₁ के स्वपरागण से F₂ में 960 पौधे मिलें, तो चारों तरह के पौधे लगभग कितने-कितने होंगे? (c) इनमें से कौन-से दो प्रकार "नए संयोजन" हैं?

उत्तर: (a) बैंगनी फूल, पीले बीज (VvYy); (b) 540 बैंगनी-पीले, 180 बैंगनी-हरे, 180 सफ़ेद-पीले, 60 सफ़ेद-हरे; (c) बैंगनी-पीले और सफ़ेद-हरे। (a) F₁ को एक जनक से V और y, दूसरे से v और Y मिलते हैं; V और Y प्रभावी हैं। (b) दो लक्षण स्वतंत्र रूप से वंशागत होते हैं, इसलिए F₂ लगभग 9 : 3 : 3 : 1 में बँटता है (चित्र 8.5, पेज 144): 960 ÷ 16 = 60; 9 × 60 = 540, 3 × 60 = 180, 3 × 60 = 180, 1 × 60 = 60। (c) जनक बैंगनी-हरे और सफ़ेद-पीले थे; बैंगनी-पीले और सफ़ेद-हरे किसी जनक में नहीं थे, इसलिए वे नए संयोजन हैं (पेज 144)।

प्रश्न 4. इन चार कड़ियों को सही क्रम में लगाइए, ताकि पता चले कि जीन पौधे की लंबाई कैसे तय करता है: हार्मोन की मात्रा, जीन, पौधे की लंबाई, एंजाइम (प्रोटीन)। फिर बताइए: अगर जीन में ऐसा बदलाव हो कि एंजाइम पहले से कम दक्ष हो जाए, तो आगे की हर कड़ी पर क्या असर होगा?

उत्तर: जीन → एंजाइम (प्रोटीन) → हार्मोन की मात्रा → पौधे की लंबाई; एंजाइम कम दक्ष, तो हार्मोन कम बनेगा और पौधा कम लंबा (बौना) रहेगा। जीन डी.एन.ए. का वह हिस्सा है जो एक प्रोटीन, यहाँ एंजाइम, बनाने की सूचना देता है। एंजाइम हार्मोन बनाने की प्रक्रिया चलाता है, और पौधे की लंबाई उस हार्मोन की मात्रा पर निर्भर है (पेज 144-145)।

प्रश्न 5. मान लीजिए किसी पौधे की कायिक कोशिका में 14 गुणसूत्र हैं। (a) उसके युग्मक में कितने गुणसूत्र होंगे, और युग्मनज में? (b) सोचिए, अगर युग्मक बनते समय गुणसूत्र आधे न होते और हर युग्मक में पूरे 14 चले जाते, तो तीसरी पीढ़ी के पौधे की कोशिका में कितने गुणसूत्र होते? (c) इससे क्या समझ आता है?

उत्तर: (a) युग्मक में 7, युग्मनज में फिर 14; (b) 112; (c) युग्मक में आधे गुणसूत्र होने से ही हर पीढ़ी में संख्या स्थिर रहती है। (a) युग्मक में हर जोड़े से एक गुणसूत्र जाता है: 14 ÷ 2 = 7; दो युग्मक मिलकर 7 + 7 = 14 (पेज 145)। (b) आधा न होने पर हर पीढ़ी में संख्या दुगुनी होती: पहली पीढ़ी 14 + 14 = 28, दूसरी 56, तीसरी 112। (c) किताब यही कहती है: युग्मनज में संख्या फिर सामान्य हो जाती है, इसलिए प्रजाति का डी.एन.ए. स्थायी रहता है (पेज 145)। (14 गुणसूत्र वाली संख्या हमने मान ली है।)

प्रश्न 6. हर उदाहरण के लिए बताइए कि संतान का लिंग आनुवंशिक आधार पर तय होता है या किसी और कारण से, और कारण लिखिए: (a) एक सरीसृप के निषेचित अंडे अलग-अलग ताप पर रखे गए, और ताप के हिसाब से अलग लिंग के बच्चे निकले; (b) एक घोंघा कुछ समय बाद अपना लिंग बदल लेता है; (c) एक मानव शिशु।

उत्तर: (a) आनुवंशिक नहीं, ताप (पर्यावरण) से; (b) आनुवंशिक नहीं; (c) आनुवंशिक। (a) कुछ सरीसृपों में लिंग इस पर निर्भर करता है कि निषेचित अंडा किस ताप पर रखा गया (पेज 145)। (b) जो जीव अपना लिंग बदल सकता है, उसमें लिंग आनुवंशिक रूप से तय नहीं होता (पेज 145)। (c) मानव में लिंग आनुवंशिक आधार पर, पिता से मिले X या Y से तय होता है (पेज 145-146)।

प्रश्न 7. मान लीजिए किसी पुरुष के 1,000 शुक्राणु लिए गए। (a) इनमें से लगभग कितनों में X और कितनों में Y गुणसूत्र होगा? (b) स्त्री के अंडों में कौन-सा लिंग गुणसूत्र होता है? (c) इसलिए बच्चा लड़का होगा या लड़की, यह किस कोशिका से तय होता है?

उत्तर: (a) लगभग 500 में X और 500 में Y; (b) हर अंडे में X; (c) शुक्राणु से। (a) पुरुष XY है; युग्मक बनते समय हर जोड़े से एक गुणसूत्र जाता है, इसलिए आधे शुक्राणुओं को X और आधों को Y मिलता है: 1,000 ÷ 2 = 500 (पेज 145-146)। (b) स्त्री XX है, इसलिए हर अंडे को X ही मिलता है (पेज 146)। (c) अंडा हमेशा X देता है, इसलिए फ़ैसला उस शुक्राणु से होता है जो अंडे से मिला: X वाला हो तो लड़की, Y वाला हो तो लड़का (पेज 146)। (1,000 की संख्या हमने मान ली है।)

प्रश्न 8. चित्र 8.5 के F₁ बीजों का जीन-संयोजन RrYy है। (a) RrYy पौधा कितने प्रकार के युग्मक बनाएगा, और कौन-से? (b) झुर्रीदार-हरे बीज वाला पौधा (rryy) कितने प्रकार के युग्मक बनाएगा? (c) RrYy पौधे का rryy पौधे से संकरण कराया जाए और 200 बीज मिलें, तो चारों तरह के बीज लगभग कितने-कितने होंगे?

उत्तर: (a) चार: RY, Ry, rY, ry; (b) एक: ry; (c) लगभग 50-50: 50 गोल-पीले, 50 गोल-हरे, 50 झुर्रीदार-पीले, 50 झुर्रीदार-हरे। (a) युग्मक में हर लक्षण की एक ही प्रति जाती है, और दोनों लक्षण स्वतंत्र रूप से बँटते हैं, इसलिए R या r के साथ Y या y कोई भी जुड़ सकता है। चित्र 8.5 के F₂ वर्ग में यही चार युग्मक दिखाए गए हैं (पेज 144)। (b) rryy के पास हर लक्षण की दोनों प्रतियाँ एक जैसी हैं, इसलिए हर युग्मक ry होगा। (c) RrYy के चारों युग्मक बराबर संख्या में बनते हैं और हर एक ry से मिलता है: RrYy (गोल-पीला), Rryy (गोल-हरा), rrYy (झुर्रीदार-पीला), rryy (झुर्रीदार-हरा), हर एक 200 ÷ 4 = 50।

9. इस अध्याय पर AI का जवाब कैसे परखें

AI से पढ़ाई पर और: AI से पढ़ाई कैसे करें, नकल किए बिना।

कक्षा 10 विज्ञान का अभ्यास

CMDLearn कहाँ फिट होता है

CMDLearn कक्षा 1 से 10 के लिए हिंदी, मराठी और अंग्रेज़ी में एक AI ट्यूटर बना रहा है, जो एक कदम समझाता है और बच्चे का काम जाँचता है, पर लिखना बच्चे पर छोड़ता है। यह अभी तैयार हो रहा है और अभी कोई बच्चा इसका इस्तेमाल नहीं करता। जब कुछ आज़माने लायक होगा, तब खबर पाने के लिए आप वेटलिस्ट से जुड़ सकते हैं।

स्रोत

सभी 5 नवंबर 2026 को जाँचे गए।

अध्याय के विचार, शब्द और पेज-संख्याएँ ऊपर के दस्तावेज़ों से हैं। इस पेज की सारी व्याख्याएँ, उदाहरण, प्रश्न और उत्तर हमारे अपने हैं; हर गिनती स्क्रिप्ट से जाँची गई है।

Practise this class: Class 10 worksheets, chapter by chapter · free practice, marked instantly · timed revision papers