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कक्षा 9 गणित अध्याय 5 मैं हूँ गोल-गोल, ऊपर-नीचे (वृत्त): Hindi medium नोट्स और 8 प्रश्न-उत्तर

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कक्षा 9 की नई गणित की पाठ्यपुस्तक गणित मंजरी (भाग 1) का पाँचवाँ अध्याय "मैं हूँ गोल-गोल, ऊपर-नीचे" है, पेज 92 से 117 तक। यह पूरा अध्याय वृत्त पर है। अंग्रेज़ी किताब में इसका नाम "I'm Up and Down, and Round and Round" है। यह गाइड दो काम करती है:

एक बात ध्यान रखें: इंटरनेट पर "कक्षा 9 वृत्त, प्रश्नावली 9.1, 9.2" या "10.1 से 10.6" के जो हल मिलते हैं, वे पुरानी किताब के हैं, जिसमें वृत्त अध्याय 9 (उससे पहले अध्याय 10) था। और "अध्याय 5" के नाम से मिलने वाले कई हल पुरानी किताब के अध्याय 5 "यूक्लिड की ज्यामिति का परिचय" के हैं। यह गाइड नई किताब गणित मंजरी के अध्याय 5 पर बनी है, जिसकी प्रश्नावलियाँ 5.1 से 5.6 हैं।

पाठ्यपुस्तक साथ में खुली रखें। यहाँ की व्याख्याएँ, उदाहरण और प्रश्न हमारे अपने हैं; अंतिम बात पाठ्यपुस्तक की ही मानें। इसी किताब का पिछला हिंदी गाइड: कक्षा 9 गणित अध्याय 3 संख्याओं का संसार। अंग्रेज़ी में यही अध्याय: Class 9 Circles (Up and Down, and Round and Round), practice questions with answers।

यह गाइड सीधे हिंदी में लिखी गई है, पर किसी हिंदी-माध्यम शिक्षक ने अभी इसकी भाषा नहीं जाँची है (native review pending)।

परीक्षा में यह अध्याय

CBSE ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 गणित की वार्षिक परीक्षा 80 अंकों की रखी है। इकाई IV, "Geometry" (ज्यामिति), के 25 अंक हैं; वृत्त इसी इकाई में आता है, चतुर्भुज और ज्यामिति के बाकी अध्यायों के साथ (CBSE पाठ्यक्रम, पेज 4)। CBSE अध्याय-वार अंक नहीं देता। पाठ्यक्रम इस अध्याय में परिभाषाएँ, तीन बिंदुओं से होकर जाने वाला वृत्त, परिवृत्त की रचना, जीवाओं और चापों के प्रमेय और संवृत्तीय बिंदु माँगता है, और ज़्यादातर जगह "क्यों सच है, समझाइए" लिखता है (पेज 9)। इसलिए उत्तर में केवल संख्या नहीं, कारण भी लिखिए।

1. परिभाषाएँ: केंद्र, त्रिज्या, जीवा, व्यास

किताब वृत्त को ऐसे परिभाषित करती है: समतल के उन सभी बिंदुओं का समूह जो एक दिए गए बिंदु से बराबर दूरी पर हों। वह दिया गया बिंदु केंद्र है और वह दूरी त्रिज्या (पेज 93)।

सममिति: वृत्त को केंद्र के चारों ओर किसी भी कोण से घुमाइए, वह वैसा ही दिखता है; और हर व्यास उसकी परावर्तन सममिति की रेखा है (पेज 94)।

2. कितने वृत्त? परिवृत्त और परिकेंद्र

त्रिभुज के तीनों शीर्षों से होकर जाने वाला वृत्त परिवृत्त है और उसका केंद्र परिकेंद्र (पेज 97)। परिकेंद्र कहाँ होगा, यह त्रिभुज के प्रकार पर निर्भर है (पेज 97):

त्रिभुजपरिकेंद्र
न्यूनकोण त्रिभुजत्रिभुज के अंदर
अधिक कोण त्रिभुजत्रिभुज के बाहर
समकोण त्रिभुजकर्ण के मध्यबिंदु पर

हमारा उदाहरण: समकोण त्रिभुज की समकोण बनाने वाली भुजाएँ 6 सेमी और 8 सेमी हैं। कर्ण = √(36 + 64) = 10 सेमी। परिकेंद्र कर्ण के मध्यबिंदु पर है, इसलिए परिवृत्त की त्रिज्या 5 सेमी है।

3. जीवाओं के चार प्रमेय

प्रमेयकथनकारणकिताब में
2बराबर जीवाएँ केंद्र पर बराबर कोण बनाती (अंतरित करती) हैंSSS सर्वांगसमतापेज 99
3केंद्र पर बराबर कोण बनाने वाली जीवाएँ बराबर होती हैं (प्रमेय 2 का विलोम)SAS सर्वांगसमतापेज 100
4केंद्र से जीवा के मध्यबिंदु तक खींचा गया रेखाखंड जीवा से 90° का कोण बनाता हैSAS, फिर रैखिक युग्मपेज 101
5केंद्र से जीवा पर डाला गया लंब जीवा को समद्विभाजित करता है (प्रमेय 4 का विलोम)RHS सर्वांगसमतापेज 101-102

एक बात हर सवाल में काम आती है: केंद्र और जीवा के दोनों सिरों से बना त्रिभुज समद्विबाहु होता है, क्योंकि उसकी दो भुजाएँ त्रिज्याएँ हैं (पेज 100)। इसलिए उसके आधार कोण बराबर होते हैं।

4. केंद्र से जीवा की दूरी

"जीवा की केंद्र से दूरी" का मतलब हमेशा लंबवत दूरी है (पेज 105)। प्रमेय 5 के कारण वह लंब जीवा को आधा करता है, इसलिए त्रिज्या r, दूरी d और आधी जीवा से एक समकोण त्रिभुज बनता है, और बौधायन-पाइथागोरस प्रमेय से:

जीवा की लंबाई = 2√(r² − d²) (पेज 105)

हमारा उदाहरण: त्रिज्या 10 सेमी, जीवा केंद्र से 6 सेमी दूर। आधी जीवा = √(100 − 36) = 8 सेमी, इसलिए जीवा = 16 सेमी।

5. चाप द्वारा अंतरित कोण

चाप वृत्त का एक जुड़ा हुआ हिस्सा है। दो बिंदु A और B वृत्त को दो चापों में बाँटते हैं: छोटा लघु चाप और बड़ा दीर्घ चाप (पेज 106)। केंद्र पर 180° से कम कोण बनाने वाला चाप लघु है, ज़्यादा वाला दीर्घ (पेज 107)।

हमारा उदाहरण: एक चाप वृत्त के एक बिंदु पर 47° का कोण बनाता है। केंद्र पर उसका कोण 2 × 47° = 94° होगा।

6. संवृत्तीय बिंदु और चक्रीय चतुर्भुज

एक ही वृत्त पर स्थित बिंदु संवृत्तीय कहलाते हैं (पेज 111)।

हमारा उदाहरण: चक्रीय चतुर्भुज ABCD में ∠A = 63° है, तो ∠C = 180° − 63° = 117°।

7. तीन गलतियाँ जो अंक काटती हैं

  1. दूरी को तिरछा नापना। केंद्र से जीवा की दूरी केवल लंबवत दूरी है। किसी सिरे तक की दूरी तो त्रिज्या है।
  2. आधी जीवा भूल जाना। समकोण त्रिभुज में जीवा की आधी लंबाई आती है। √(r² − d²) निकालने के बाद 2 से गुणा करना न भूलें।
  3. "दोगुना" का उलटा। केंद्र का कोण बड़ा होता है। वृत्त के बिंदु का कोण दिया हो, तो केंद्र का कोण उसका दोगुना है; केंद्र का दिया हो, तो बिंदु का कोण आधा। और चक्रीय चतुर्भुज में सम्मुख कोण जुड़कर 180° होते हैं, पास वाले (आसन्न) कोण नहीं।

8. हमारे 8 प्रश्न, उत्तर के साथ

पहले कॉपी पर खुद हल करें, फिर उत्तर देखें। ये प्रश्न हमारे अपने हैं, किताब के उदाहरण या प्रश्नावली के प्रश्न नहीं।

प्रश्न 1. सत्य या असत्य बताइए, कारण के साथ। (a) एक ही सीधी रेखा पर स्थित तीन बिंदुओं से होकर ठीक एक वृत्त जाता है। (b) किन्हीं दो बिंदुओं से गुज़रने वाले हर वृत्त का केंद्र उन बिंदुओं को जोड़ने वाले रेखाखंड के लंब समद्विभाजक पर होते हैं। (c) एक ही वृत्त में, केंद्र से 2 सेमी दूर वाली जीवा, केंद्र से 3 सेमी दूर वाली जीवा से लंबी होती है। (d) 4 सेमी त्रिज्या वाले वृत्त में 9 सेमी लंबी जीवा हो सकती है।

उत्तर: (a) असत्य; (b) सत्य; (c) सत्य; (d) असत्य। (a) संरेखीय बिंदुओं से होकर कोई वृत्त नहीं जाता, क्योंकि उनके लंब समद्विभाजक समांतर होते हैं और कभी नहीं मिलते (पेज 96, 98)। (b) केंद्र दोनों बिंदुओं से बराबर दूरी पर होना चाहिए, और ऐसे सारे बिंदु लंब समद्विभाजक पर ही होते हैं (पेज 95)। (c) केंद्र के पास वाली जीवा लंबी होती है (प्रमेय 8, पेज 105)। (d) सबसे लंबी जीवा व्यास है, जो यहाँ 8 सेमी है; 9 सेमी की जीवा संभव नहीं।

प्रश्न 2. तीन त्रिभुजों के कोण दिए हैं: त्रिभुज P में 50°, 60°, 70°; त्रिभुज Q में 30°, 40°, 110°; त्रिभुज R में 90°, 35°, 55°। (a) हर त्रिभुज का परिकेंद्र त्रिभुज के अंदर, बाहर या किसी भुजा पर होगा? (b) त्रिभुज R का कर्ण 13 सेमी हो, तो उसके परिवृत्त की त्रिज्या कितनी है?

उत्तर: (a) P में अंदर, Q में बाहर, R में कर्ण के मध्यबिंदु पर; (b) 6.5 सेमी। (a) P के तीनों कोण 90° से कम हैं (न्यूनकोण), Q में 110° का अधिक कोण है, R समकोण त्रिभुज है; पेज 97 की तालिका यही बताती है। (b) समकोण त्रिभुज का परिकेंद्र कर्ण का मध्यबिंदु है, इसलिए कर्ण ही परिवृत्त का व्यास है: त्रिज्या = 13 ÷ 2 = 6.5 सेमी।

प्रश्न 3. एक गोल तालाब के बीच में फव्वारा है, जो तालाब के किनारे (वृत्त) का केंद्र है। किनारे की त्रिज्या 17 मीटर है। तालाब पर दो सीधे पुल हैं जो किनारे से किनारे तक जाते हैं। (a) पहला पुल 16 मीटर लंबा है। वह फव्वारे से कितनी दूर है? (b) दूसरा पुल फव्वारे से 8 मीटर दूर है। वह कितना लंबा है? (c) कौन-सा पुल फव्वारे के पास है, और क्या यह प्रमेय 8 से मेल खाता है?

उत्तर: (a) 15 मीटर; (b) 30 मीटर; (c) दूसरा पुल, हाँ। हर पुल वृत्त की जीवा है। (a) आधा पुल 8 मीटर; दूरी = √(17² − 8²) = √(289 − 64) = √225 = 15 मीटर। (b) आधा पुल = √(17² − 8²) = 15 मीटर, इसलिए पुल = 30 मीटर। (c) दूसरा पुल (8 मीटर दूर) पहले (15 मीटर दूर) से पास है, और वही लंबा भी है (30 > 16)। लंबी जीवा केंद्र के पास होती है, यही प्रमेय 8 कहता है (पेज 105)।

प्रश्न 4. केंद्र O वाले वृत्त में जीवाएँ PQ और RS बराबर लंबाई की हैं, और ∠POQ = 74° है। (a) ∠ROS कितना है? (b) ∠OPQ और ∠ORS कितने हैं? (c) PQ केंद्र से 4.8 सेमी दूर है। RS केंद्र से कितनी दूर है?

उत्तर: (a) 74°; (b) दोनों 53°; (c) 4.8 सेमी। (a) बराबर जीवाएँ केंद्र पर बराबर कोण बनाती हैं (प्रमेय 2, पेज 99)। (b) OP = OQ (त्रिज्याएँ), इसलिए त्रिभुज OPQ समद्विबाहु है और ∠OPQ = (180° − 74°) ÷ 2 = 53°; त्रिभुज ORS में भी शीर्ष कोण 74° है, इसलिए ∠ORS = 53°। (c) बराबर जीवाएँ केंद्र से बराबर दूरी पर होती हैं (प्रमेय 6, पेज 103)।

प्रश्न 5. केंद्र O वाले वृत्त में AB व्यास है और C वृत्त पर एक बिंदु है। ∠CAB = 28° है। ज्ञात कीजिए: (a) ∠ACB (b) ∠ABC (c) ∠AOC, जहाँ AC वह चाप है जिस पर B नहीं है।

उत्तर: (a) 90°; (b) 62°; (c) 124°। (a) व्यास वृत्त के किसी भी बिंदु पर 90° बनाता है (उपप्रमेय, पेज 110)। (b) त्रिभुज ABC में ∠ABC = 180° − 90° − 28° = 62°। (c) B उस चाप AC के बाहर वृत्त पर है, इसलिए केंद्र पर चाप AC का कोण, B पर बने कोण का दोगुना है: ∠AOC = 2 × 62° = 124° (प्रमेय 9, पेज 108)। जाँच: त्रिभुज AOC समद्विबाहु है (OA = OC), उसके आधार कोण (180° − 124°) ÷ 2 = 28° हैं, और ∠OAC ही ∠CAB है, जो 28° दिया है।

प्रश्न 6. चक्रीय चतुर्भुज PQRS में ∠P : ∠R = 4 : 5 है, और ∠Q, ∠S से 20° बड़ा है। चारों कोण ज्ञात कीजिए।

उत्तर: ∠P = 80°, ∠Q = 100°, ∠R = 100°, ∠S = 80°। सम्मुख कोण P और R का योग 180° है (प्रमेय 11, पेज 112-113)। 4 + 5 = 9 भाग = 180°, एक भाग = 20°, इसलिए ∠P = 80° और ∠R = 100°। Q और S भी सम्मुख हैं: ∠Q + ∠S = 180° और ∠Q − ∠S = 20°, इसलिए ∠Q = 100° और ∠S = 80°। जाँच: 80 + 100 + 100 + 80 = 360°।

प्रश्न 7. इनमें से कौन-सा चतुर्भुज चक्रीय है? कारण दीजिए। (a) ABCD, जिसमें क्रम से ∠A = 85°, ∠B = 95°, ∠C = 100°, ∠D = 80° (b) EFGH, जिसमें क्रम से ∠E = 70°, ∠F = 115°, ∠G = 110°, ∠H = 65° (c) ऐसा समचतुर्भुज जिसके कोण 60° और 120° हैं।

उत्तर: (a) नहीं; (b) हाँ; (c) नहीं। (a) ∠A + ∠C = 185°, 180° नहीं, इसलिए यह चक्रीय नहीं हो सकता (प्रमेय 11)। (b) ∠E + ∠G = 180° और ∠F + ∠H = 180°, इसलिए चक्रीय है (प्रमेय 12, पेज 113)। (c) समचतुर्भुज के सम्मुख कोण बराबर होते हैं: 60° + 60° = 120°, 180° नहीं। कोई समचतुर्भुज तभी चक्रीय होगा जब उसके सब कोण 90° हों, यानी जब वह वर्ग हो।

प्रश्न 8. रेखाखंड AB दिया है। (a) C और D दोनों AB के ऊपर की तरफ़ हैं, और ∠ACB = ∠ADB = 40° है। क्या A, B, C, D संवृत्तीय हैं? (b) बिंदु E, AB की दूसरी ओर है और ∠AEB = 140° है। क्या E भी उसी वृत्त पर है? (c) अगर E दूसरी ओर हो पर ∠AEB = 40° हो, तो?

उत्तर: (a) हाँ; (b) हाँ; (c) नहीं। (a) AB अपनी एक ही ओर के दो बिंदुओं पर बराबर कोण बनाता है, इसलिए चारों बिंदु एक वृत्त पर हैं (प्रमेय 10, पेज 111-112)। (b) चतुर्भुज ACBE में C और E सम्मुख शीर्ष हैं, और ∠ACB + ∠AEB = 40° + 140° = 180°; इसलिए ACBE चक्रीय है (प्रमेय 12) और E उसी वृत्त पर है जो A, B, C से होकर जाता है। (c) तब 40° + 40° = 80°, 180° नहीं, इसलिए E उस वृत्त पर नहीं है।

9. इस अध्याय पर AI का जवाब कैसे परखें

अंग्रेज़ी में इसी अध्याय के प्रश्न: Class 9 Circles, practice questions with answers। पूरे साल के चुने हुए प्रश्न: Class 9 Maths important questions 2026-27। AI से पढ़ाई पर और: AI से पढ़ाई कैसे करें, नकल किए बिना।

कक्षा 9 गणित का अभ्यास

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स्रोत

सब 5 नवंबर 2026 को खोलकर पढ़े गए। पेज संख्याएँ पाठ्यपुस्तक की छपी हुई पेज संख्याएँ हैं।

अध्याय का नाम, पेज संख्याएँ, परिभाषाएँ और प्रमेयों के कथन ऊपर की पाठ्यपुस्तक से हैं। व्याख्याएँ, उदाहरण, प्रश्न और हल हमारे अपने हैं, और हर संख्या स्क्रिप्ट से दोबारा जाँची गई है। यह गाइड सामान्य जानकारी है; अपने शिक्षक और पाठ्यपुस्तक की बात मानें।

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