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कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 4 कार्बन एवं उसके यौगिक: Hindi medium नोट्स और 8 प्रश्न-उत्तर
NCERT की कक्षा 10 की हिंदी माध्यम की विज्ञान पाठ्यपुस्तक विज्ञान का चौथा अध्याय "कार्बन एवं उसके यौगिक" है, पेज 64 से 87 तक। यह गाइड दो काम करती है:
- अध्याय के मुख्य विचारों को छोटे नोट्स में समझाती है;
- अंत में हमारे अपने 8 प्रश्न देती है, हल और उत्तर के साथ।
पाठ्यपुस्तक साथ में खुली रखें। यहाँ की व्याख्याएँ, उदाहरण और प्रश्न हमारे अपने हैं; अंतिम बात पाठ्यपुस्तक की ही मानें। अंग्रेज़ी में इसी अध्याय के नोट्स चाहिए, तो Class 10 Carbon and its Compounds notes देखें।
यह गाइड सीधे हिंदी में लिखी गई है, पर किसी हिंदी-माध्यम शिक्षक ने अभी इसकी भाषा नहीं जाँची है (native review pending)।
परीक्षा में यह अध्याय
CBSE ने 2026-27 के लिए कक्षा 10 विज्ञान की वार्षिक परीक्षा 80 अंकों की रखी है। यह अध्याय इकाई I, "Chemical Substances - Nature and Behaviour", में आता है, जिसके कुल 25 अंक हैं (CBSE पाठ्यक्रम, पेज 4)। इस अध्याय के विषय हैं: सहसंयोजी आबंध, कार्बन की सर्वतोमुखी प्रकृति, संतृप्त और असंतृप्त हाइड्रोकार्बन, समजातीय श्रेणी, नामपद्धति, दहन, ऑक्सीकरण, संकलन और प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ, एथेनॉल और एथेनॉइक अम्ल (केवल गुणधर्म और उपयोग), और साबुन व अपमार्जक (पेज 5)। CBSE अध्याय-वार अंक नहीं देता।
1. सहसंयोजी आबंध (पेज 64-67)
- भूपर्पटी में केवल 0.02% कार्बन है और वायुमंडल में 0.03% कार्बन डाइऑक्साइड, फिर भी खाना, कपड़े, दवाएँ और सारे जीव कार्बन पर टिके हैं (पेज 64)।
- कार्बन का विन्यास 2, 4 है। बाहरी कोश पूरा करने के लिए उसे 4 इलेक्ट्रॉन लेने या खोने होंगे। 4 लेकर C⁴⁻ बनाना कठिन है, क्योंकि 6 प्रोटॉन वाला नाभिक 10 इलेक्ट्रॉनों को नहीं थाम पाता; 4 खोकर C⁴⁺ बनाने में बहुत ऊर्जा लगती है (पेज 65)।
- इसलिए कार्बन इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी करता है। दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉन-युग्म की साझेदारी से बना आबंध सहसंयोजी आबंध है (पेज 66-67)।
- एक युग्म साझा हो तो एकल आबंध (H₂), दो युग्म तो द्वि-आबंध (O₂), तीन युग्म तो त्रि-आबंध (N₂) (पेज 66)।
- सहसंयोजी यौगिकों के गुण: अणु के भीतर आबंध मज़बूत, पर अणुओं के बीच बल कमज़ोर; इसलिए गलनांक और क्वथनांक कम (सारणी 4.1, पेज 65)। आयन नहीं बनते, इसलिए ये प्रायः विद्युत के कुचालक हैं (पेज 67)।
- अपररूप (पेज 67): हीरे में हर कार्बन चार कार्बनों से जुड़ा है, इसलिए वह सबसे कठोर ज्ञात पदार्थ है; ग्रेफ़ाइट चिकना और फिसलनशील है और बिजली चलाता है; फुलेरीन तीसरा वर्ग है, जिसमें C-60 सबसे पहले पहचाना गया।
2. कार्बन की सर्वतोमुखी प्रकृति (पेज 68-75)
- शृंखलन: कार्बन दूसरे कार्बन परमाणुओं से आबंध बनाकर लंबी शृंखलाएँ, शाखाएँ और वलय बना सकता है (पेज 68)।
- चतुःसंयोजकता: संयोजकता 4 होने से एक कार्बन चार दूसरे परमाणुओं से जुड़ सकता है। इन दोनों गुणों से कार्बन के इतने ज़्यादा यौगिक बनते हैं (पेज 68-69)।
- संतृप्त और असंतृप्त (पेज 69-70): केवल एकल आबंध हों तो संतृप्त (जैसे एथेन); द्वि-आबंध या त्रि-आबंध हो तो असंतृप्त (जैसे एथीन, एथाइन)।
- शृंखलाएँ, शाखाएँ एवं वलय (पेज 71-72): एक ही आण्विक सूत्र के अलग संरचना वाले यौगिक संरचनात्मक समावयव कहलाते हैं, जैसे सीधी और शाखित शृंखला वाले ब्यूटेन। साइक्लोहेक्सेन में कार्बन वलय में जुड़े हैं।
- प्रकार्यात्मक समूह (सारणी 4.3, पेज 72-73): हाइड्रोजन की जगह लेने वाले दूसरे तत्व विषम परमाणु हैं। हैलो (–Cl, –Br), ऐल्कोहॉल (–OH), ऐल्डिहाइड (–CHO), कीटोन (C=O), कार्बोक्सिलिक अम्ल (–COOH) मुख्य समूह हैं।
- समजातीय श्रेणी (पेज 73-74): एक ही प्रकार्यात्मक समूह वाले यौगिकों की ऐसी श्रेणी, जिसमें हर अगला सदस्य पिछले से –CH₂– इकाई से अलग है। रासायनिक गुण लगभग एक जैसे रहते हैं, पर गलनांक, क्वथनांक जैसे भौतिक गुण आण्विक द्रव्यमान बढ़ने के साथ बदलते हैं।
- नामपद्धति (सारणी 4.4, पेज 74-75): पहले कार्बन की संख्या से मूल नाम (मेथ-, एथ-, प्रोप-, ब्यूट-, पेंट-...), फिर प्रकार्यात्मक समूह का पूर्वलग्न या अनुलग्न: क्लोरो-/ब्रोमो-, "ऑल" (ऐल्कोहॉल), "ऐल" (ऐल्डिहाइड), "ओन" (कीटोन), "ओइक अम्ल" (कार्बोक्सिलिक अम्ल), "ईन" (द्वि-आबंध), "आइन" (त्रि-आबंध)।
3. कार्बन यौगिकों के रासायनिक गुणधर्म (पेज 76-79)
| अभिक्रिया | क्या होता है | ध्यान रखने की बात |
|---|---|---|
| दहन (पेज 76-77) | कार्बन यौगिक ऑक्सीजन में जलकर CO₂, जल, ऊष्मा और प्रकाश देते हैं | संतृप्त हाइड्रोकार्बन प्रायः स्वच्छ ज्वाला देते हैं; असंतृप्त यौगिक काले धुएँ वाली पीली ज्वाला देते हैं |
| ऑक्सीकरण (पेज 78) | क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट या अम्लीय पोटैशियम डाइक्रोमेट एथेनॉल को एथेनॉइक अम्ल में बदलते हैं | ऑक्सीजन देने वाले ऐसे पदार्थ ऑक्सीकारक हैं |
| संकलन (पेज 78-79) | निकैल या पैलेडियम उत्प्रेरक की उपस्थिति में असंतृप्त हाइड्रोकार्बन हाइड्रोजन जोड़कर संतृप्त बनते हैं | वनस्पति तेलों का हाइड्रोजनीकरण इसी से होता है |
| प्रतिस्थापन (पेज 79) | सूर्य के प्रकाश में क्लोरीन संतृप्त हाइड्रोकार्बन के हाइड्रोजन परमाणुओं की जगह एक-एक करके लेती है | संतृप्त हाइड्रोकार्बन बाकी अधिकांश अभिकर्मकों के साथ लगभग निष्क्रिय हैं |
उत्प्रेरक वह पदार्थ है जिसके कारण अभिक्रिया भिन्न दर से होती है, पर वह खुद अभिक्रिया से प्रभावित नहीं होता (पेज 78-79)।
4. एथेनॉल और एथेनॉइक अम्ल (पेज 79-82)
एथेनॉल (C₂H₅OH, पेज 79-80):
- कमरे के ताप पर द्रव, पानी में हर अनुपात में घुलता है। इसे सामान्यतः ऐल्कोहॉल कहते हैं।
- सोडियम से अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस देता है; दूसरा उत्पाद सोडियम एथॉक्साइड है: 2Na + 2CH₃CH₂OH → 2CH₃CH₂O⁻Na⁺ + H₂।
- 443 K पर अधिक सांद्र सल्फ़्यूरिक अम्ल के साथ गर्म करने पर इसका निर्जलीकरण होकर एथीन बनती है।
एथेनॉइक अम्ल (CH₃COOH, ऐसीटिक अम्ल, पेज 81-82):
- शुद्ध एथेनॉइक अम्ल का गलनांक 290 K है, इसलिए ठंडे मौसम में यह जम जाता है; इसीलिए इसे ग्लैशल ऐसीटिक अम्ल कहते हैं।
- HCl जैसे खनिज अम्ल पूरी तरह आयनित होते हैं, पर कार्बोक्सिलिक अम्ल दुर्बल अम्ल हैं (पेज 81)।
- एस्टरीकरण: अम्ल उत्प्रेरक की उपस्थिति में कार्बोक्सिलिक अम्ल और ऐल्कोहॉल मिलकर मृदु गंध वाला एस्टर बनाते हैं; इसका उपयोग इत्र और स्वाद देने वाले पदार्थों में होता है (पेज 81-82)।
- साबुनीकरण: सोडियम हाइड्रॉक्साइड से अभिक्रिया करके एस्टर फिर से ऐल्कोहॉल और कार्बोक्सिलिक अम्ल का सोडियम लवण देता है; इसी से साबुन बनता है (पेज 82)।
- क्षारक, कार्बोनेट और हाइड्रोजनकार्बोनेट के साथ: सोडियम हाइड्रॉक्साइड जैसे क्षारक से लवण और जल; कार्बोनेट और हाइड्रोजनकार्बोनेट से लवण, कार्बन डाइऑक्साइड और जल (पेज 82)।
5. साबुन और अपमार्जक (पेज 83-86)
- साबुन रासायनिक रूप से लवण है: लंबी कार्बन शृंखला वाले कार्बोक्सिलिक अम्ल का सोडियम या पोटैशियम लवण (पेज 82-83)।
- अणु का आयनिक सिरा जल में घुलता है (जलरागी), और लंबी कार्बन शृंखला वाला दूसरा सिरा हाइड्रोकार्बन में (जलविरागी)। पानी में ये अणु गुच्छे बनाते हैं, जिनमें पूँछें भीतर तेल की ओर और आयनिक सिरे बाहर पानी की ओर रहते हैं: ये मिसेल हैं। तैलीय मैल मिसेल के बीच फँसकर पानी से धुल जाता है (पेज 83-84)।
- कठोर जल (कैल्सियम और मैग्नीशियम लवण वाला) में साबुन अघुलनशील पदार्थ (स्कम) बनाता है और झाग मुश्किल से बनता है। अपमार्जक कठोर जल में भी अच्छा काम करते हैं (पेज 84-85)।
6. तीन गलतियाँ जो अंक काटती हैं
- आबंध गिनते समय C–C आबंध भूलना। एथेन जैसे अणु में C–H के साथ C–C आबंध भी गिनिए।
- "ईन" और "आइन" को उलटना। द्वि-आबंध = ईन (एथीन), त्रि-आबंध = आइन (एथाइन)।
- संकलन और प्रतिस्थापन को मिलाना। असंतृप्त यौगिक में परमाणु जुड़ते हैं (संकलन, उत्प्रेरक के साथ); संतृप्त यौगिक में एक परमाणु दूसरे की जगह लेता है (प्रतिस्थापन, सूर्य के प्रकाश में)।
7. हमारे 8 प्रश्न, उत्तर के साथ
पहले कॉपी पर खुद हल करें, फिर उत्तर देखें। ये प्रश्न हमारे अपने हैं, किताब के अभ्यास-प्रश्न नहीं।
प्रश्न 1. (a) कार्बन न तो C⁴⁻ आयन बनाता है और न C⁴⁺। हर एक का कारण अध्याय के आधार पर बताइए। (b) टेट्राक्लोरोमेथेन (CCl₄) के एक अणु में कितने सहसंयोजी आबंध हैं? (c) CCl₄ बिजली का अच्छा चालक क्यों नहीं है?
उत्तर:
- (a) C⁴⁻ के लिए 6 प्रोटॉन वाले नाभिक को 10 इलेक्ट्रॉन थामने पड़ेंगे, जो कठिन है; C⁴⁺ के लिए 4 इलेक्ट्रॉन हटाने में बहुत ऊर्जा लगेगी (पेज 65)।
- (b) 4। कार्बन अपने चार बाहरी इलेक्ट्रॉनों में से एक-एक को चार क्लोरीन परमाणुओं के साथ साझा करता है, यानी चार एकल आबंध।
- (c) यह सहसंयोजी यौगिक है: इसमें आयन नहीं बनते, इसलिए आवेश ले जाने वाले कण नहीं हैं (पेज 67)।
प्रश्न 2. सारणी 4.2 (पेज 71) के संतृप्त हाइड्रोकार्बनों में हर अगले यौगिक में एक C और दो H बढ़ते हैं। (a) 7 कार्बन वाले संतृप्त हाइड्रोकार्बन (हेप्टेन) का सूत्र लिखिए। (b) इसके एक अणु में कुल कितने सहसंयोजी आबंध हैं? (c) इसका आण्विक द्रव्यमान कितना है, और इसी श्रेणी के अगले सदस्य का? (C = 12 u, H = 1 u)
उत्तर:
- (a) C₇H₁₆। पैटर्न: n कार्बन पर 2n + 2 हाइड्रोजन (7 पर 16)।
- (b) 22: सीधी शृंखला में 7 कार्बनों के बीच 6 C–C आबंध और 16 C–H आबंध, कुल 6 + 16 = 22।
- (c) 100 u और 114 u। 7 × 12 + 16 × 1 = 100; अगला सदस्य C₈H₁₈ = 8 × 12 + 18 = 114। अंतर 14 u, यानी एक –CH₂– इकाई (पेज 73-74)।
प्रश्न 3. सारणी 4.4 (पेज 75) के नियमों से इन यौगिकों के नाम लिखिए: (a) CH₃CH₂CH₂Br; (b) CH₃CH₂CH₂CH₂CH₂OH; (c) HCOOH; (d) चार कार्बन की शृंखला, जिसमें पहले और दूसरे कार्बन के बीच त्रि-आबंध है (CH≡C–CH₂–CH₃)।
उत्तर:
- (a) ब्रोमोप्रोपेन: 3 कार्बन = प्रोप-, –Br के लिए पूर्वलग्न ब्रोमो-।
- (b) पेंटेनॉल: 5 कार्बन = पेंट-, –OH के लिए अनुलग्न "ऑल"।
- (c) मेथेनॉइक अम्ल: 1 कार्बन = मेथ-, –COOH के लिए "ओइक अम्ल"; –COOH का कार्बन भी गिना जाता है।
- (d) ब्यूटाइन: 4 कार्बन = ब्यूट-, त्रि-आबंध के लिए "आइन"।
प्रश्न 4. रसोई गैस के एक घटक प्रोपेन (C₃H₈) का पूरा दहन होता है। (a) संतुलित समीकरण लिखिए। (b) 44 g प्रोपेन के पूरे दहन के लिए कितनी ऑक्सीजन चाहिए, और कितनी CO₂ और कितना जल बनेगा? (C = 12, H = 1, O = 16) (c) द्रव्यमान संरक्षण की जाँच कीजिए।
उत्तर:
- (a) C₃H₈ + 5O₂ → 3CO₂ + 4H₂O। जाँच: C 3 = 3, H 8 = 8, O 10 = 6 + 4।
- (b) C₃H₈ का सूत्र-द्रव्यमान 3 × 12 + 8 = 44, यानी 44 g = 1 भाग। ऑक्सीजन 5 × 32 = 160 g; CO₂ 3 × 44 = 132 g; जल 4 × 18 = 72 g।
- (c) बाईं ओर 44 + 160 = 204 g, दाईं ओर 132 + 72 = 204 g। बराबर।
प्रश्न 5. एक प्रयोगशाला में 56 g एथीन (C₂H₄) को निकैल उत्प्रेरक की उपस्थिति में पूरी तरह संतृप्त किया गया। (a) यह किस प्रकार की अभिक्रिया है? (b) कितनी हाइड्रोजन लगी, और कितनी एथेन बनी? (C = 12, H = 1) (c) अभिक्रिया के बाद निकैल की मात्रा कितनी बचेगी?
उत्तर:
- (a) संकलन अभिक्रिया: C₂H₄ + H₂ → C₂H₆ (पेज 78)।
- (b) C₂H₄ = 28, इसलिए 56 g = 2 भाग। हाइड्रोजन 2 × 2 = 4 g, एथेन 2 × 30 = 60 g (56 + 4 = 60)।
- (c) उतनी ही जितनी डाली थी। उत्प्रेरक अभिक्रिया की दर बदलता है, पर खुद अभिक्रिया में खर्च नहीं होता (पेज 78-79)।
प्रश्न 6. शिक्षक 9.2 g एथेनॉल में सोडियम का छोटा टुकड़ा डालते हैं, और सारा एथेनॉल अभिक्रिया कर लेता है: 2Na + 2CH₃CH₂OH → 2CH₃CH₂O⁻Na⁺ + H₂। (a) कितनी हाइड्रोजन (ग्राम में) निकलेगी? (b) कितना सोडियम लगेगा? (c) दूसरे उत्पाद का नाम लिखिए। (Na = 23, C = 12, H = 1, O = 16)
उत्तर:
- एथेनॉल का सूत्र-द्रव्यमान = 2 × 12 + 6 × 1 + 16 = 46, इसलिए 9.2 g = 0.2 भाग।
- (a) 0.2 g: हर 2 भाग एथेनॉल से 1 भाग H₂, यानी 0.1 × 2 = 0.2 g।
- (b) 4.6 g: एथेनॉल जितने ही भाग सोडियम, 0.2 × 23 = 4.6 g।
- (c) सोडियम एथॉक्साइड (पेज 80)।
प्रश्न 7. एथेनॉइक अम्ल और एथेनॉल अम्ल उत्प्रेरक के साथ एस्टर बनाते हैं: CH₃COOH + CH₃CH₂OH → CH₃COOCH₂CH₃ + H₂O। (a) 60 g एथेनॉइक अम्ल पूरा अभिक्रिया करे, तो कितना एथेनॉल लगेगा और कितना एस्टर व जल बनेगा? (b) बने एस्टर को सोडियम हाइड्रॉक्साइड के साथ गर्म करें, तो कौन-से दो उत्पाद मिलेंगे, और इस अभिक्रिया को क्या कहते हैं? (C = 12, H = 1, O = 16)
उत्तर:
- (a) CH₃COOH = 60, CH₃CH₂OH = 46, एस्टर C₄H₈O₂ = 88, जल = 18। इसलिए 60 g अम्ल के लिए 46 g एथेनॉल, बनेगा 88 g एस्टर और 18 g जल (60 + 46 = 106 = 88 + 18)।
- (b) एथेनॉल और एथेनॉइक अम्ल का सोडियम लवण (सोडियम एथेनोएट)। यह साबुनीकरण है (पेज 82)।
प्रश्न 8. 10.6 g सोडियम कार्बोनेट में तनु एथेनॉइक अम्ल डाला गया, जब तक बुलबुले बनना बंद न हो जाएँ: Na₂CO₃ + 2CH₃COOH → 2CH₃COONa + H₂O + CO₂। (a) कितनी CO₂ बनेगी? (b) कितना एथेनॉइक अम्ल खर्च होगा? (c) इस अभिक्रिया में बने लवण का साधारण नाम क्या है? (Na = 23, C = 12, O = 16, H = 1)
उत्तर:
- Na₂CO₃ = 2 × 23 + 12 + 3 × 16 = 106, इसलिए 10.6 g = 0.1 भाग।
- (a) 4.4 g CO₂ (0.1 × 44)।
- (b) 12 g एथेनॉइक अम्ल (0.2 × 60)।
- (c) सोडियम ऐसीटेट। समीकरण में बना लवण CH₃COONa है; किताब इसे सोडियम ऐसीटेट कहती है, और इसका दूसरा नाम सोडियम एथेनोएट है (पेज 82)।
8. इस अध्याय पर AI का जवाब कैसे परखें
- आबंध और परमाणु खुद गिनिए। AI कहे कि "हेप्टेन में 23 आबंध हैं", तो C–C और C–H अलग गिनिए; हर समीकरण में हर तत्व दोनों ओर बराबर होना चाहिए।
- नाम का नियम लगाइए। कार्बन गिनिए, समूह पहचानिए, सारणी 4.4 का पूर्वलग्न या अनुलग्न लगाइए; AI का नाम उससे मिलना चाहिए।
- शब्द किताब से मिलाइए। परीक्षा में किताब के शब्द लिखिए: सहसंयोजी आबंध, शृंखलन, चतुःसंयोजकता, समजातीय श्रेणी, संकलन, प्रतिस्थापन, साबुनीकरण, मिसेल।
AI से पढ़ाई पर और: AI से पढ़ाई कैसे करें, नकल किए बिना।
कक्षा 10 विज्ञान का अभ्यास
- ऑनलाइन, तुरंत जाँच के साथ: अभ्यास पेज पर कक्षा 10 और विज्ञान का कोई विषय चुनें।
- अंग्रेज़ी में इसी अध्याय के प्रश्न-उत्तर: Class 10 Carbon and its Compounds, questions with answers।
- पिछला अध्याय हिंदी में: कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 3 धातु एवं अधातु।
- अगला अध्याय हिंदी में: कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 5 जैव प्रक्रम।
- बोर्ड की तैयारी: कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा की तैयारी कैसे करें।
CMDLearn कहाँ फिट होता है
CMDLearn कक्षा 1 से 10 के लिए हिंदी, मराठी और अंग्रेज़ी में एक AI ट्यूटर बना रहा है, जो एक कदम समझाता है और बच्चे का काम जाँचता है, पर लिखना बच्चे पर छोड़ता है। यह अभी तैयार हो रहा है और अभी कोई बच्चा इसका इस्तेमाल नहीं करता। जब आज़माने को कुछ हो, तब ख़बर पाने के लिए वेटलिस्ट से जुड़ें।
स्रोत
सभी 4 नवंबर 2026 को जाँचे गए।
- NCERT, विज्ञान, कक्षा 10 की पाठ्यपुस्तक (हिंदी माध्यम, Reprint 2026-27), विषय-सूची और अध्याय 4 "कार्बन एवं उसके यौगिक", पेज 64 से 87: ncert.nic.in/textbook/pdf/jhsc1ps.pdf, ncert.nic.in/textbook/pdf/jhsc104.pdf
- NCERT, Science (अंग्रेज़ी संस्करण), Class X, Chapter 4 "Carbon and its Compounds": ncert.nic.in/textbook/pdf/jesc104.pdf
- CBSE, Science (086), Class X 2026-27, course structure (पेज 4-5): cbseacademic.nic.in, Science_SecP1_2026-27.pdf
अध्याय के विचार, शब्द और पेज-संख्याएँ ऊपर के दस्तावेज़ों से हैं। इस पेज की सारी व्याख्याएँ, उदाहरण, समीकरण वाले प्रश्न और उत्तर हमारे अपने हैं; हर समीकरण और हर गिनती स्क्रिप्ट से जाँची गई है।
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