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कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 2 अम्ल, क्षारक एवं लवण: Hindi medium नोट्स और 8 प्रश्न-उत्तर
CMDLearn · 3 नवंबर 2026
NCERT की कक्षा 10 की हिंदी माध्यम की विज्ञान पाठ्यपुस्तक विज्ञान का दूसरा अध्याय "अम्ल, क्षारक एवं लवण" है, पेज 19 से 40 तक। यह गाइड दो काम करती है:
- अध्याय के मुख्य विचारों को छोटे नोट्स में समझाती है;
- अंत में हमारे अपने 8 प्रश्न देती है, हल और उत्तर के साथ।
पाठ्यपुस्तक साथ में खुली रखें। यहाँ की व्याख्याएँ, उदाहरण और प्रश्न हमारे अपने हैं; अंतिम बात पाठ्यपुस्तक की ही मानें। अंग्रेज़ी में इसी अध्याय के अभ्यास-प्रश्न चाहिए, तो Class 10 Acids, Bases and Salts, questions with answers देखें।
यह गाइड सीधे हिंदी में लिखी गई है, पर किसी हिंदी-माध्यम शिक्षक ने अभी इसकी भाषा नहीं जाँची है (native review pending)।
परीक्षा में यह अध्याय
CBSE ने 2026-27 के लिए कक्षा 10 विज्ञान की वार्षिक परीक्षा 80 अंकों की रखी है, और 20 अंक आंतरिक मूल्यांकन के हैं। यह अध्याय इकाई I, "Chemical Substances - Nature and Behaviour", में आता है। पूरी इकाई के 25 अंक हैं (CBSE पाठ्यक्रम, पेज 4)।
CBSE अध्याय-वार अंक नहीं देता। इस इकाई में चार अध्याय हैं: रासायनिक अभिक्रियाएँ, यह अध्याय, धातु-अधातु, और कार्बन के यौगिक। समीकरण लिखना पहले अध्याय में सीखा था; यहाँ वही कौशल रोज़ इस्तेमाल होता है।
1. सूचक: बिना चखे पहचान
अम्ल का स्वाद खट्टा होता है और क्षारक का कड़वा, पर प्रयोगशाला में कुछ भी चखना मना है। इसलिए हम सूचक का इस्तेमाल करते हैं (पेज 19-21):
- लिटमस: लाइकेन से मिलने वाला बैंगनी रंजक। अम्ल नीले लिटमस को लाल करता है, क्षारक लाल लिटमस को नीला।
- हल्दी: प्राकृतिक सूचक। साबुन क्षारकीय होता है, इसलिए हल्दी वाला दाग साबुन लगने पर लाल-भूरा दिखता है।
- फ़ीनॉल्फ़थैलिन और मेथिल ऑरेंज: प्रयोगशाला में बनाए गए (संश्लेषित) सूचक। क्षारक में फ़ीनॉल्फ़थैलिन गुलाबी हो जाता है (पेज 23)।
- गंधीय सूचक: जिनकी गंध अम्ल या क्षारक में बदल जाती है। किताब प्याज, वैनिला और लौंग के तेल की जाँच करवाती है (पेज 20-21)।
2. अम्ल और क्षारक क्या-क्या करते हैं
| अभिक्रिया | सामान्य रूप | हमारा उदाहरण |
|---|---|---|
| अम्ल + धातु (पेज 21-22) | लवण + हाइड्रोजन गैस | Mg + 2HCl → MgCl₂ + H₂ |
| क्षारक + धातु (पेज 22) | कुछ धातुएँ प्रबल क्षारक से भी हाइड्रोजन देती हैं | Zn + 2NaOH → Na₂ZnO₂ + H₂ (किताब, क्रियाकलाप 2.4) |
| अम्ल + धातु कार्बोनेट या हाइड्रोजनकार्बोनेट (पेज 22-23) | लवण + कार्बन डाइऑक्साइड + जल | CaCO₃ + 2HNO₃ → Ca(NO₃)₂ + H₂O + CO₂ |
| अम्ल + क्षारक, यानी उदासीनीकरण (पेज 23) | लवण + जल | KOH + HNO₃ → KNO₃ + H₂O |
| अम्ल + धात्विक ऑक्साइड (पेज 23-24) | लवण + जल | MgO + 2HCl → MgCl₂ + H₂O |
| क्षारक + अधात्विक ऑक्साइड (पेज 24) | लवण + जल | 2NaOH + CO₂ → Na₂CO₃ + H₂O |
दो पहचान-परीक्षण याद रखें:
- हाइड्रोजन: जलती तीली पास लाने पर गैस "फट" की आवाज़ के साथ जलती है (पेज 21)।
- कार्बन डाइऑक्साइड: चूने के पानी को दूधिया कर देती है, क्योंकि अघुलनशील कैल्सियम कार्बोनेट बनता है। बहुत देर तक गैस गुज़ारें, तो दूधियापन फिर साफ़ हो जाता है (पेज 23)।
धात्विक ऑक्साइड अम्ल के साथ क्षारक जैसा व्यवहार करते हैं, इसलिए उन्हें क्षारकीय ऑक्साइड कहते हैं। अधात्विक ऑक्साइड क्षारक से अभिक्रिया करते हैं, इसलिए वे अम्लीय प्रकृति के हैं (पेज 24)।
3. पानी में अम्ल और क्षारक
- सभी अम्लों में हाइड्रोजन होती है, पर ग्लूकोज़ और ऐल्कोहॉल में हाइड्रोजन होते हुए भी वे अम्ल नहीं हैं। फ़र्क यह है कि अम्ल पानी में H⁺ आयन देते हैं, जो अकेले नहीं रहते, पानी से जुड़कर हाइड्रोनियम आयन (H₃O⁺) बनाते हैं (पेज 24-26)।
- इसी कारण सूखी HCl गैस अम्ल जैसा व्यवहार नहीं करती: पानी के बिना आयन बनते ही नहीं (पेज 26)।
- क्षारक पानी में OH⁻ आयन देते हैं। जो क्षारक पानी में घुल जाते हैं, उन्हें क्षार कहते हैं (पेज 26)।
- अम्ल या क्षारक का पानी में घुलना ऊष्माक्षेपी है। इसलिए हमेशा अम्ल को धीरे-धीरे पानी में डालते हुए हिलाते रहें, उलटा कभी नहीं। सांद्र अम्ल में पानी डालने से इतनी गर्मी बनती है कि मिश्रण उछलकर बाहर आ सकता है और काँच का बर्तन टूट सकता है (पेज 27)।
4. pH स्केल
- pH स्केल 0 से 14 तक है। 7 उदासीन है, 7 से कम अम्लीय, 7 से अधिक क्षारकीय (पेज 27-28)।
- H⁺ आयन जितने ज़्यादा, pH उतना कम। उलटा रिश्ता याद रखें: "ज़्यादा अम्ल, छोटी संख्या"।
- pH नापने के लिए सार्वत्रिक सूचक का कागज़ इस्तेमाल होता है, जो अलग-अलग pH पर अलग रंग देता है (पेज 28)।
- समान सांद्रता पर ज़्यादा H⁺ देने वाला अम्ल प्रबल, कम देने वाला दुर्बल कहलाता है। किताब हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और ऐसीटिक अम्ल की तुलना करती है (पेज 29)।
रोज़ के जीवन में pH (पेज 29-31):
- हमारा शरीर लगभग 7.0 से 7.8 pH के बीच काम करता है।
- वर्षा के पानी का pH 5.6 से नीचे चला जाए, तो उसे अम्लीय वर्षा कहते हैं। इससे नदियों का pH गिरता है और जलीय जीवों का जीना मुश्किल होता है।
- पेट हाइड्रोक्लोरिक अम्ल बनाता है, जो पाचन में मदद करता है। अपच में अम्ल ज़्यादा बन जाए, तो ऐन्टैसिड जैसा दुर्बल क्षारक (उदाहरण: मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया) राहत देता है।
- मुँह का pH 5.5 से नीचे जाने पर दाँतों का इनैमल घुलने लगता है (पेज 30)।
- मधुमक्खी का डंक अम्ल छोड़ता है; बेकिंग सोडा जैसा दुर्बल क्षारक आराम देता है। चींटी और नेटल के डंक में मेथैनॉइक अम्ल होता है (पेज 30-31)।
5. लवण
परिवार (पेज 31): जिन लवणों में एक ही धन या ऋण मूलक हो, वे एक परिवार के माने जाते हैं। NaCl और KCl दोनों क्लोराइड परिवार के हैं।
लवण का pH (पेज 32) इस पर निर्भर है कि वह किन अम्ल और क्षारक से बना:
| अम्ल | क्षारक | लवण का विलयन |
|---|---|---|
| प्रबल | प्रबल | उदासीन, pH 7 |
| प्रबल | दुर्बल | अम्लीय, pH 7 से कम |
| दुर्बल | प्रबल | क्षारकीय, pH 7 से अधिक |
साधारण नमक से बनने वाले रसायन (पेज 32-36):
- क्लोर-क्षार प्रक्रिया: नमक के घोल (लवण जल) में बिजली गुज़ारने पर तीन उपयोगी उत्पाद मिलते हैं: सोडियम हाइड्रॉक्साइड, क्लोरीन और हाइड्रोजन। समीकरण: 2NaCl + 2H₂O → 2NaOH + Cl₂ + H₂। क्लोरीन ऐनोड पर निकलती है; हाइड्रोजन और सोडियम हाइड्रॉक्साइड कैथोड की ओर बनते हैं (पेज 33)।
- विरंजक चूर्ण: सूखे बुझे चूने [Ca(OH)₂] पर क्लोरीन की क्रिया से बनता है। किताब का समीकरण: 2Ca(OH)₂ + 2Cl₂ → Ca(ClO)₂ + 2H₂O + CaCl₂। कपड़ों और कागज़ की लुगदी के विरंजन में और पीने के पानी को कीटाणु-मुक्त करने में काम आता है (पेज 34)।
- बेकिंग सोडा (NaHCO₃): दुर्बल क्षारकीय लवण। गर्म करने पर 2NaHCO₃ → Na₂CO₃ + H₂O + CO₂। यही CO₂ केक को फुलाती है। बेकिंग पाउडर में बेकिंग सोडा के साथ टार्टरिक अम्ल होता है। ऐन्टैसिड और सोडा-अम्ल अग्निशामक में भी इसका उपयोग है (पेज 34-35)।
- धोने का सोडा (Na₂CO₃·10H₂O): सोडियम कार्बोनेट के पुनः क्रिस्टलीकरण से बनता है। काँच, साबुन और कागज़ उद्योग में, सफ़ाई में, और पानी की स्थायी कठोरता हटाने में काम आता है (पेज 35)।
- क्रिस्टलन का जल: लवण की एक सूत्र इकाई से जुड़े पानी के निश्चित अणु। नीला कॉपर सल्फ़ेट (CuSO₄·5H₂O) गर्म करने पर सफ़ेद हो जाता है, और पानी की बूँदें डालने पर फिर नीला (पेज 35-36)।
- प्लास्टर ऑफ़ पेरिस (CaSO₄·½H₂O): जिप्सम (CaSO₄·2H₂O) को 373 K पर गर्म करने से बनता है। पानी मिलाने पर फिर जिप्सम बनकर कठोर हो जाता है, इसलिए टूटी हड्डी को स्थिर रखने, खिलौनों और सजावट में काम आता है (पेज 36)।
6. तीन गलतियाँ जो अंक काटती हैं
- pH की दिशा उलटना। pH 2 वाला विलयन pH 5 वाले से ज़्यादा अम्लीय है, कम नहीं।
- "पानी में अम्ल" को उलट देना। उत्तर में लिखिए: अम्ल को पानी में, धीरे-धीरे, हिलाते हुए, और कारण भी: ऊष्माक्षेपी।
- हर लवण को उदासीन मान लेना। पहले पूछिए कि लवण किस अम्ल और किस क्षारक से बना है।
7. हमारे 8 प्रश्न, उत्तर के साथ
पहले कॉपी पर खुद हल करें, फिर उत्तर देखें। ये प्रश्न हमारे अपने हैं, किताब के अभ्यास-प्रश्न नहीं।
प्रश्न 1. रसोई की चार बोतलों पर केवल अक्षर लिखे हैं। सार्वत्रिक सूचक से उनका pH निकला: P = 2, Q = 6, R = 9, S = 12। (a) कौन-सी बोतलें लाल लिटमस को नीला करेंगी? (b) किसमें फ़ीनॉल्फ़थैलिन डालने पर गुलाबी रंग आएगा? (c) किसमें H⁺ आयन सबसे ज़्यादा हैं?
उत्तर:
- (a) R और S। इनका pH 7 से अधिक है, यानी ये क्षारकीय हैं।
- (b) R और S। फ़ीनॉल्फ़थैलिन क्षारक में गुलाबी होता है; P और Q में वह रंगहीन रहेगा।
- (c) P। pH जितना कम, H⁺ आयन उतने ज़्यादा।
(सूचक, पेज 19-23; pH स्केल, पेज 27-28।)
प्रश्न 2. एक पुराने शहर में संगमरमर (कैल्सियम कार्बोनेट) की मूर्ति की सतह बरसों में खुरदरी हो गई है। वहाँ की वर्षा का pH 4.8 मापा गया। (a) क्या यह अम्लीय वर्षा है? (b) वर्षा के पानी में घुला नाइट्रिक अम्ल संगमरमर से जो अभिक्रिया करता है, उसका संतुलित समीकरण लिखिए। (c) इसमें निकलने वाली गैस की पहचान कैसे करेंगे?
उत्तर:
- (a) हाँ। pH 5.6 से कम वाली वर्षा अम्लीय वर्षा कहलाती है, और 4.8 उससे कम है (पेज 29)।
- (b) CaCO₃ + 2HNO₃ → Ca(NO₃)₂ + H₂O + CO₂। जाँच: Ca 1 = 1, C 1 = 1, H 2 = 2, N 2 = 2, O 9 = 9।
- (c) गैस कार्बन डाइऑक्साइड है। उसे चूने के पानी से गुज़ारिए: पानी दूधिया हो जाएगा (पेज 23)।
प्रश्न 3. प्रयोगशाला में 15 mL पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड (KOH) विलयन को पूरी तरह उदासीन करने में किसी नाइट्रिक अम्ल विलयन के 25 mL लगे। उसी KOH विलयन के 45 mL के लिए उसी अम्ल का कितना आयतन लगेगा? अभिक्रिया का समीकरण भी लिखिए।
उत्तर: 75 mL।
- KOH तीन गुना (15 से 45 mL) है, इसलिए अम्ल भी तीन गुना लगेगा: 25 × 3 = 75 mL।
- समीकरण: KOH + HNO₃ → KNO₃ + H₂O। यह उदासीनीकरण है: लवण (पोटैशियम नाइट्रेट) और जल बनते हैं (पेज 23)।
प्रश्न 4. विज्ञान-प्रदर्शनी में शिक्षिका ने धुआँ-निकास वाली अलमारी के अंदर कैल्सियम धातु का 0.8 ग्राम का टुकड़ा तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में डाला। निकली गैस से भरे साबुन के बुलबुले ऊपर उठने लगे, और जलती मोमबत्ती पास लाने पर हर बुलबुला "फट" की आवाज़ के साथ जल गया। (Ca = 40, H = 1 लीजिए।) (a) संतुलित समीकरण लिखिए और बनने वाले लवण का नाम बताइए। (b) दोनों प्रेक्षणों से गैस के बारे में क्या पता चलता है? (c) पूरी धातु अभिक्रिया कर ले, तो कितने ग्राम गैस बनेगी?
उत्तर:
- (a) Ca + 2HCl → CaCl₂ + H₂। बनने वाला लवण कैल्सियम क्लोराइड है। जाँच: Ca 1 = 1, H 2 = 2, Cl 2 = 2। यह "अम्ल + धातु → लवण + हाइड्रोजन गैस" का ही एक उदाहरण है (पेज 21-22)।
- (b) "फट" की आवाज़ के साथ जलना हाइड्रोजन की पहचान है। बुलबुलों का ऊपर उठना बताता है कि गैस हवा से हल्की है, और हाइड्रोजन ऐसी ही गैस है।
- (c) 0.04 ग्राम। समीकरण के अनुसार 40 ग्राम कैल्सियम से 2 ग्राम हाइड्रोजन (H₂ = 2 × 1) बनती है। इसलिए 0.8 ग्राम से 0.8 × 2 ÷ 40 = 0.04 ग्राम।
कैल्सियम पानी और अम्ल से तेज़ी से अभिक्रिया करता है, इसलिए यह प्रयोग केवल शिक्षक, सुरक्षा के साथ करें।
प्रश्न 5. पिकनिक पर एक बच्चे के हाथ पर लाल चींटी ने काट लिया और जलन हो रही है। (a) चींटी के डंक में कौन-सा अम्ल होता है? (b) रसोई की किस चीज़ का घोल लगाना ठीक रहेगा? (c) कास्टिक सोडा (NaOH) भी क्षारक है; उसे क्यों नहीं लगाना चाहिए?
उत्तर:
- (a) मेथैनॉइक अम्ल (सारणी 2.3, पेज 31)।
- (b) बेकिंग सोडा का घोल। वह दुर्बल क्षारक है और अम्ल को उदासीन करके आराम देता है (पेज 30)।
- (c) NaOH प्रबल क्षार है; वह खुद त्वचा को जला देता है। उदासीनीकरण के लिए हल्का क्षारक ही ठीक है। जलन ज़्यादा हो या सूजन बढ़े, तो डॉक्टर को दिखाएँ।
प्रश्न 6. तीन लवणों के घोल बनाए गए: पोटैशियम कार्बोनेट (K₂CO₃), अमोनियम नाइट्रेट (NH₄NO₃) और पोटैशियम क्लोराइड (KCl)। हर लवण के लिए बताइए कि वह किस अम्ल और किस क्षारक से बना है, और उसका विलयन अम्लीय, क्षारकीय या उदासीन होगा।
उत्तर:
| लवण | अम्ल | क्षारक | विलयन |
|---|---|---|---|
| K₂CO₃ | कार्बोनिक अम्ल (दुर्बल) | KOH (प्रबल) | क्षारकीय, pH 7 से अधिक |
| NH₄NO₃ | HNO₃ (प्रबल) | NH₄OH (दुर्बल) | अम्लीय, pH 7 से कम |
| KCl | HCl (प्रबल) | KOH (प्रबल) | उदासीन, pH 7 |
(लवणों का pH, पेज 32।)
प्रश्न 7. एक बेकरी में 168 ग्राम बेकिंग सोडा (NaHCO₃) पूरा गर्म होकर टूट जाता है: 2NaHCO₃ → Na₂CO₃ + H₂O + CO₂। (Na = 23, H = 1, C = 12, O = 16 लीजिए।) (a) कितना सोडियम कार्बोनेट, कितना पानी और कितनी कार्बन डाइऑक्साइड बनेगी? (b) इनमें से कौन-सा उत्पाद केक को फुलाता है?
उत्तर:
- NaHCO₃ का सूत्र-द्रव्यमान = 23 + 1 + 12 + 48 = 84। इसलिए 168 ग्राम = 2 × 84, ठीक समीकरण जितना।
- (a) Na₂CO₃ = 106 ग्राम (46 + 12 + 48), H₂O = 18 ग्राम, CO₂ = 44 ग्राम। जाँच: 106 + 18 + 44 = 168, यानी द्रव्यमान न बना, न नष्ट हुआ।
- (b) कार्बन डाइऑक्साइड। गैस के बुलबुले आटे में फँसकर उसे मुलायम और स्पंजी बनाते हैं (पेज 34-35)।
प्रश्न 8. टॉफ़ी खाने के दस मिनट बाद एक बच्चे के मुँह का pH 7.0 से गिरकर 5.2 हो गया। (a) इसका दाँतों पर क्या असर हो सकता है, और क्यों? (b) pH किस कारण गिरा? (c) खाने के बाद क्षारकीय टूथपेस्ट से ब्रश करना क्यों मदद करता है?
उत्तर:
- (a) दंत-क्षय शुरू हो सकता है। pH 5.5 से नीचे है, और इस pH पर दाँतों का इनैमल (कैल्सियम हाइड्रॉक्सीऐपेटाइट, शरीर का सबसे कठोर पदार्थ) घुलने लगता है।
- (b) मुँह के बैक्टीरिया दाँतों पर बची शक्कर को तोड़कर अम्ल बनाते हैं।
- (c) क्षारकीय टूथपेस्ट अतिरिक्त अम्ल को उदासीन करता है, जिससे pH वापस ऊपर आता है।
(दंत-क्षय, पेज 30।)
8. इस अध्याय पर AI का जवाब कैसे परखें
- pH की दिशा जाँचिए। AI कहे कि "pH 3 वाला विलयन pH 6 वाले से कम अम्लीय है", तो जवाब उलटा है।
- समीकरण में परमाणु गिनिए। कार्बोनेट और उदासीनीकरण के समीकरण में हर तत्व दोनों ओर बराबर होना चाहिए।
- सूत्र किताब से मिलाइए। विरंजक चूर्ण के लिए किताब का वर्तमान संस्करण Ca(ClO)₂ लिखता है। किसी पुराने स्रोत से कोई और सूत्र आए, तो परीक्षा में किताब वाला लिखें।
AI से पढ़ाई पर और: AI से पढ़ाई कैसे करें, नकल किए बिना।
कक्षा 10 विज्ञान का अभ्यास
- ऑनलाइन, तुरंत जाँच के साथ: अभ्यास पेज पर कक्षा 10 और विज्ञान का कोई विषय चुनें।
- छापने लायक, उत्तर के साथ: Acids, Bases and Salts की वर्कशीट।
- बोर्ड की तैयारी: कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा की तैयारी कैसे करें।
CMDLearn कहाँ फिट होता है
CMDLearn कक्षा 1 से 10 के लिए हिंदी, मराठी और अंग्रेज़ी में एक AI ट्यूटर बना रहा है, जो एक कदम समझाता है और बच्चे का काम जाँचता है, पर लिखना बच्चे पर छोड़ता है। यह अभी तैयार हो रहा है और अभी कोई बच्चा इसका इस्तेमाल नहीं करता। जब आज़माने को कुछ हो, तब ख़बर पाने के लिए वेटलिस्ट से जुड़ें।
स्रोत
सभी 3 नवंबर 2026 को जाँचे गए।
- NCERT, विज्ञान, कक्षा 10 की पाठ्यपुस्तक (हिंदी माध्यम), अध्याय 2 "अम्ल, क्षारक एवं लवण", पेज 19 से 40: ncert.nic.in/textbook/pdf/jhsc102.pdf
- NCERT, Science (अंग्रेज़ी संस्करण), Class X, Chapter 2 "Acids, Bases and Salts": ncert.nic.in/textbook/pdf/jesc102.pdf
- CBSE, Science (086), Class X 2026-27, course structure (पेज 4): cbseacademic.nic.in, Science_SecP1_2026-27.pdf
अध्याय के विचार, शब्द और पेज-संख्याएँ ऊपर के दस्तावेज़ों से हैं। इस पेज की सारी व्याख्याएँ, उदाहरण, समीकरण वाले प्रश्न और उत्तर हमारे अपने हैं; हर समीकरण और हर गिनती स्क्रिप्ट से जाँची गई है।
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