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कक्षा 6 विज्ञान अध्याय 9 दैनिक जीवन में पृथक्करण विधियाँ: Hindi medium नोट्स और 8 प्रश्न-उत्तर
इस गाइड की हिंदी की समीक्षा किसी हिंदी भाषी शिक्षक ने अभी नहीं की है (translation - review pending)।
NCERT की कक्षा 6 की विज्ञान पाठ्यपुस्तक जिज्ञासा (अंग्रेज़ी में Curiosity) का नौवाँ अध्याय "दैनिक जीवन में पृथक्करण विधियाँ" है, पेज 157 से 175 तक। इसमें मल्ली और वल्ली भारत की यात्रा पर अलग-अलग घरों में देखते हैं कि मिश्रण से चीज़ें कैसे अलग की जाती हैं: खेत में, रसोई में, नमक बनाने में और बढ़ई की दुकान पर। यह गाइड दो काम करती है:
- अध्याय की हर विधि को छोटे नोट्स में समझाती है, यह भी कि कौन-सी विधि कब काम करती है;
- अंत में हमारे अपने 8 प्रश्न देती है, उत्तर के साथ।
पाठ्यपुस्तक साथ में खुली रखें। यहाँ की व्याख्याएँ, उदाहरण और प्रश्न हमारे अपने हैं; अंतिम बात पाठ्यपुस्तक की ही मानें। अंग्रेज़ी में यही अध्याय: Class 6 Methods of Separation in Everyday Life, questions with answers।
यह गाइड सीधे हिंदी में लिखी गई है, पर किसी हिंदी-माध्यम शिक्षक ने अभी इसकी भाषा नहीं जाँची है (native review pending)। प्रश्न हमारे अपने हैं; शिक्षक समीक्षा बाकी है (teacher review pending)।
परीक्षा में यह अध्याय
कक्षा 6 में CBSE की बोर्ड परीक्षा नहीं होती, इसलिए इस अध्याय के लिए CBSE की अंक-तालिका या सैंपल पेपर नहीं है। टेस्ट आपका स्कूल बनाता और जाँचता है। अध्याय के अंत के प्रश्नों में विधि का नाम पहचानना, सही-गलत बताना, मिलान करना और कई चीज़ों के मिश्रण को क्रम से अलग करना, ये सब आते हैं (पेज 172-174)।
1. मिश्रण और पृथक्करण
जब दो या अधिक पदार्थ आपस में मिले हों, तो वह मिश्रण है। हम पदार्थों को दो कारणों से अलग करते हैं: किसी बेकार या हानिकारक हिस्से को हटाने के लिए (जैसे अनाज से कंकड़), या दो काम के हिस्सों को अलग-अलग पाने के लिए (जैसे दही से मक्खन और छाछ) (पेज 157-158, 170)।
विधि चुनने का सीधा सवाल: दोनों हिस्सों में फ़र्क क्या है? आकार, रंग, भार (हल्का-भारी), पानी में घुलना या न घुलना, या चुंबक की ओर खिंचना। हर विधि इन्हीं में से किसी एक फ़र्क का फ़ायदा उठाती है।
2. ठोस को ठोस से अलग करना
| विधि | किस फ़र्क पर | किताब का उदाहरण | पेज |
|---|---|---|---|
| हस्त चयन (हाथ से चुनना) | आकार, रंग, आकृति; जब हटाने वाला हिस्सा थोड़ा हो | अनाज से कंकड़ | 157-158 |
| थ्रेशिंग | डंठल को पीटकर दाने अलग करना | गेहूँ के पूले | 158 |
| ओसाई (विनोइंग) | भार: हवा हल्का भूसा उड़ा ले जाती है, भारी दाने गिरते हैं | सूप से अनाज फटकना | 159 |
| छानना (चालनी से) | आकार: छोटे कण छेदों से निकल जाते हैं | आटे से चोकर | 160 |
| चुंबकीय पृथक्करण | चुंबक की ओर खिंचना: लोहा चुंबकीय पदार्थ है | बुरादे से लोहे की कीलें | 168 |
किताब बताती है कि आजकल थ्रेशर मशीनें थ्रेशिंग और ओसाई, दोनों काम एक साथ करती हैं (पेज 160), और कबाड़ से लोहा अलग करने के लिए क्रेन पर लगे चुंबक काम आते हैं (पेज 169)।
3. पानी में घुले या मिले ठोस को अलग करना
- वाष्पन: घोल का पानी भाप बनकर उड़ जाता है और घुला हुआ ठोस पीछे बच जाता है। समुद्री जल को उथले गड्ढों में धूप और हवा में रखकर नमक इसी तरह मिलता है (पेज 161)। किताब यह भी बताती है कि आयुर्वेद में जड़ी-बूटियाँ छाया में सुखाई जाती हैं ताकि फ़ालतू पानी उड़ जाए (पेज 162)।
- अवसादन और निस्तारण: न घुलने वाला भारी हिस्सा कुछ देर में तली पर बैठ जाता है (अवसादन); फिर बर्तन को तिरछा करके ऊपर का द्रव धीरे से निकाल लेते हैं (निस्तारण)। निस्तारण से पूरा अलगाव नहीं होता, कुछ कण साथ चले आते हैं (पेज 163-164)।
- निस्यंदन (फ़िल्टर करना): न घुलने वाले ठोस को द्रव से छन्नी, कपड़े या फ़िल्टर पेपर (किताब में "फ़िल्टर-पत्र") से अलग करना। किस चीज़ से छानें, यह कणों के आकार पर निर्भर है: बारीक कणों के लिए बारीक छेद वाला निस्यंदक चाहिए। फ़िल्टर पेपर पर बचा ठोस अवशेष कहलाता है और नीचे आया साफ़ द्रव निस्यंद (पेज 164-165)।
- मथना: दही को मथनी से मथने पर हल्का मक्खन ऊपर आ जाता है और छाछ नीचे रहती है (पेज 167)।
याद रखें: जो ठोस पानी में घुल गया है (जैसे नमक), वह छन्नी या फ़िल्टर पेपर से नहीं रुकता; उसे वाष्पन से वापस पाते हैं। छानना केवल न घुलने वाले कणों के लिए है।
4. तीन गलतियाँ जो अंक काटती हैं
- छानना और निस्यंदन को एक मान लेना। छानना (चालनी से) ठोस-ठोस मिश्रण के लिए है; निस्यंदन ठोस को द्रव से अलग करता है।
- घुले पदार्थ के लिए फ़िल्टर बताना। घुला नमक या चीनी फ़िल्टर पेपर से पार निकल जाती है।
- कई चीज़ों के मिश्रण में क्रम भूलना। पहले वह विधि लगाइए जो बाकी चीज़ों को न बिगाड़े; जैसे पानी डालने से पहले चुंबक और चालनी।
5. हमारे 8 प्रश्न, उत्तर के साथ
पहले कॉपी पर खुद हल करें, फिर उत्तर देखें। ये प्रश्न हमारे अपने हैं, किताब के क्रियाकलाप या अभ्यास-प्रश्न नहीं। कोई भी प्रश्न आपसे कुछ गरम करने या चखने को नहीं कहता।
प्रश्न 1. हर स्थिति के लिए विधि का नाम और वह किस फ़र्क पर काम करती है, लिखिए: (a) सूखी हरी मटर के ढेर से कुछ काली पड़ी मटर निकालनी हैं। (b) पिसी हल्दी में साबुत हल्दी के छोटे टुकड़े रह गए हैं। (c) मसूर की दाल में सूखे तिनके और धूल मिली है, और बाहर हवा चल रही है। (d) खेत में सूखी सरसों के पौधों की फलियों से दाने निकालने हैं।
उत्तर: (a) हस्त चयन, रंग के आधार पर; (b) छानना, कणों के आकार के आधार पर; (c) ओसाई, भार के आधार पर; (d) थ्रेशिंग। (a) काली मटर थोड़ी हैं और रंग से आसानी से पहचानी जाती हैं (पेज 157-158)। (b) बारीक पाउडर छेदों से निकल जाता है, बड़े टुकड़े ऊपर रह जाते हैं (पेज 160)। (c) हवा हल्के तिनके उड़ा ले जाती है, भारी दाल नीचे गिरती है (पेज 159)। (d) सूखे पौधों को पीटकर दाने अलग किए जाते हैं (पेज 158)।
प्रश्न 2. एक डिब्बे में लोहे की छोटी पिनें, साबुत चने और चीनी, तीनों गिरकर मिल गए हैं। (a) तीनों को अलग करने का एक क्रम लिखिए, बिना पानी डाले। (b) अगर कोई पहले पानी डाल दे, तो चीनी वापस पाने के लिए आगे क्या करना पड़ेगा?
उत्तर: (a) पहले चुंबक, फिर चालनी; (b) चने और पिनें अलग करके, घोल का वाष्पन। (a) चुंबक घुमाने से लोहे की पिनें चिपक जाती हैं (पेज 168)। फिर ऐसी चालनी से छानें जिसके छेद चीनी के दानों से बड़े पर चनों से छोटे हों: चीनी नीचे गिरती है, चने ऊपर रहते हैं (पेज 160)। (b) पानी में चीनी घुल जाएगी। पिनें चुंबक से और चने छन्नी से निकालने के बाद, चीनी का घोल धूप में रखना होगा ताकि पानी उड़ जाए और चीनी बच जाए (वाष्पन, पेज 161)। इसीलिए सूखे मिश्रण में पानी सबसे बाद में, ज़रूरत हो तभी डालते हैं।
प्रश्न 3. एक मिश्रण में सूजी के दाने (लगभग 0.5 mm), राई (लगभग 1.5 mm), छोटे कंकड़ (लगभग 5 mm) और साबुत चने (लगभग 8 mm) हैं। (a) 2 mm छेदों वाली चालनी से कौन-से निकलेंगे और कौन-से ऊपर रहेंगे? (b) सूजी को राई से अलग करने के लिए 1 mm, 3 mm और 10 mm में से किस छेद वाली चालनी लेंगे? (c) 10 mm वाली चालनी से छानने पर क्या होगा?
उत्तर: (a) सूजी और राई निकलेंगी; कंकड़ और चने ऊपर रहेंगे; (b) 1 mm; (c) कुछ भी अलग नहीं होगा। (a) जो कण छेद से छोटे हैं, वही निकलते हैं: 0.5 mm और 1.5 mm, दोनों 2 mm से छोटे हैं। (b) 1 mm के छेद से केवल 0.5 mm वाली सूजी निकलेगी; 1.5 mm की राई ऊपर रह जाएगी। (c) चारों कण 10 mm से छोटे हैं, इसलिए सब नीचे गिर जाएँगे। छानना तभी काम करता है जब छेद का आकार दोनों हिस्सों के आकार के बीच हो (पेज 160)।
प्रश्न 4. एक बर्तन में 500 mL पानी में 30 g नमक घोला गया और बर्तन धूप में रखा गया। (a) सारा पानी उड़ जाने पर बर्तन में कितना नमक बचेगा? (b) जब आधा पानी उड़ चुका हो, तब बचे 250 mL घोल में कितना नमक है? हर 100 mL में नमक पहले कितना था और अब कितना है? (c) नमक बनाने वाले समुद्री जल को गहरे टैंक के बजाय उथले, चौड़े गड्ढों में क्यों रखते हैं?
उत्तर: (a) 30 g; (b) 30 g, हर 100 mL में 6 g से बढ़कर 12 g; (c) पानी जल्दी उड़ता है। (a) वाष्पन में केवल पानी उड़ता है, नमक नहीं, इसलिए पूरा 30 g बचता है। (b) नमक अब भी 30 g है, पर पानी आधा है: पहले 30 × 100 ÷ 500 = 6 g, अब 30 × 100 ÷ 250 = 12 g हर 100 mL में; घोल ज़्यादा गाढ़ा हो गया। (c) उथले, चौड़े गड्ढे में पानी की ज़्यादा सतह धूप और हवा के सामने रहती है, इसलिए पानी जल्दी उड़ता है (पेज 161)।
प्रश्न 5. पकौड़े तलने के बाद कड़ाही में बचे ठंडे तेल में बेसन के छोटे-छोटे जले कण तैर रहे हैं। (a) तेल को कुछ घंटे बिना हिलाए रखने पर क्या होगा, और इस प्रक्रिया का नाम क्या है? (b) फिर ऊपर का साफ़ तेल बर्तन तिरछा करके दूसरे डिब्बे में डालना क्या कहलाता है? (c) डिब्बे में फिर भी कुछ कण क्यों आ गए, और उन्हें कैसे हटाएँगे?
उत्तर: (a) भारी कण तली में बैठेंगे, अवसादन; (b) निस्तारण; (c) निस्तारण पूरा अलगाव नहीं करता; बारीक छन्नी से छानें। (a) न घुलने वाले भारी कण धीरे-धीरे तली पर जम जाते हैं (पेज 163)। (b) ऊपर का द्रव धीरे से निकालना निस्तारण है (पेज 163)। (c) डालते समय तली के कुछ हल्के कण तेल के साथ बह आते हैं; बारीक छन्नी या कपड़े से निस्यंदन करने पर ये रुक जाते हैं (पेज 164)।
प्रश्न 6. घर में तीन तरह की छन्नियाँ हैं: बड़े छेद वाली चाय की छन्नी, मलमल का कपड़ा और फ़िल्टर पेपर। हर काम के लिए सबसे उपयुक्त कौन-सी है, और क्यों? (a) काढ़े से उबली हुई तुलसी और अदरक के टुकड़े हटाना। (b) फटे दूध से छेना (पनीर) अलग करना। (c) बारिश के गड्ढे से लाए पानी के सैंपल से बहुत बारीक मिट्टी अलग करके विज्ञान की कक्षा में दिखाना।
उत्तर: (a) चाय की छन्नी; (b) मलमल का कपड़ा; (c) फ़िल्टर पेपर। निस्यंदक का चुनाव कणों के आकार से होता है (पेज 165)। (a) तुलसी और अदरक के टुकड़े बड़े हैं; बड़े छेद वाली छन्नी काफ़ी है और जल्दी छानती है। (b) छेना के कण छोटे और मुलायम हैं, छन्नी से निकल जाएँगे; मलमल के धागों के बीच के छोटे छेद उन्हें रोक लेते हैं (पेज 164)। (c) बहुत बारीक मिट्टी कपड़े से भी निकल सकती है; फ़िल्टर पेपर के बहुत बारीक छिद्र उसे अवशेष के रूप में रोक लेते हैं (पेज 164-165)। ध्यान दें: छानने से पानी पीने लायक नहीं हो जाता; यह सैंपल केवल दिखाने के लिए है।
प्रश्न 7. बताइए कि हर पृथक्करण किस कारण से किया गया है: बेकार हिस्सा हटाने के लिए, या दो काम के हिस्से पाने के लिए। (a) फटे दूध से छेना और उसका पानी (मट्ठा) अलग करना, जिसमें छेना से पनीर और मट्ठे से आटा गूँधा जाता है। (b) सूजी से घुन (छोटे कीड़े) छानकर निकालना। (c) कबाड़ी का कबाड़ से लोहे का सामान अलग करना, ताकि लोहा और बाकी सामान अलग-अलग बिकें।
उत्तर: (a) दो काम के हिस्से; (b) बेकार हिस्सा हटाना; (c) दो काम के हिस्से। (a) छेना और मट्ठा, दोनों काम आते हैं। (b) घुन बेकार हैं, हम केवल साफ़ सूजी चाहते हैं। (c) लोहा फिर से काम में आता है (रीसाइकल होता है) और बाकी सामान भी अलग बिकता है (पेज 169)। अध्याय का खेल भी यही दो कारण सिखाता है (पेज 170)।
प्रश्न 8. एक कबाड़खाने में क्रेन पर लगा बड़ा चुंबक एक ढेर के ऊपर घुमाया गया, जिसमें लोहे की कीलें, प्लास्टिक की बोतलें, एल्युमिनियम की पन्नी, लोहे की टूटी चादर के टुकड़े और काँच की टूटी चूड़ियाँ हैं। (a) चुंबक से कौन-सी चीज़ें उठेंगी? (b) इस विधि का नाम क्या है? (c) हाथ से चुनने के बजाय चुंबक क्यों बेहतर है?
उत्तर: (a) लोहे की कीलें और लोहे की चादर के टुकड़े; (b) चुंबकीय पृथक्करण; (c) तेज़ और सुरक्षित। (a) लोहा चुंबकीय पदार्थ है, इसलिए लोहे की चीज़ें चुंबक की ओर खिंचती हैं; प्लास्टिक, एल्युमिनियम और काँच नहीं खिंचते (पेज 168)। (b) चुंबक से चुंबकीय और अचुंबकीय पदार्थ अलग करना चुंबकीय पृथक्करण है (पेज 168-169)। (c) ढेर बड़ा है और कीलें तथा टूटा काँच हाथ में चुभ सकते हैं; चुंबक एक बार में सारा लोहा उठा लेता है।
6. इस अध्याय पर AI का जवाब कैसे परखें
- "किस फ़र्क पर?" पूछिए। AI कोई विधि बताए, तो देखिए कि उसने दोनों हिस्सों का फ़र्क (आकार, भार, घुलना, चुंबक) बताया या नहीं। फ़र्क न हो, तो विधि गलत है।
- घुले पदार्थ पर ध्यान दीजिए। AI घुली चीनी या नमक को छानकर अलग करने को कहे, तो वह गलत है; यहाँ वाष्पन चाहिए।
- सुरक्षा देखिए। किताब का गरम करने वाला प्रयोग शिक्षक की देखरेख में ही है (पेज 162)। AI बिना बड़ों के आग या गरम बर्तन वाला तरीका सुझाए, तो उसे न करें।
अंग्रेज़ी में इसी अध्याय के प्रश्न: Class 6 Methods of Separation in Everyday Life, questions with answers। AI से पढ़ाई पर और: AI से पढ़ाई कैसे करें, नकल किए बिना।
कक्षा 6 विज्ञान का अभ्यास
- छापने लायक, उत्तर के साथ (अंग्रेज़ी, हिंदी और मराठी में): Methods of Separation की वर्कशीट और कक्षा 6 की सारी वर्कशीट।
- ऑनलाइन, तुरंत जाँच के साथ: कक्षा 6 का अभ्यास।
- पूरी किताब के अध्याय एक जगह (अंग्रेज़ी में): Class 6 Science question answer।
CMDLearn कहाँ फिट होता है
CMDLearn कक्षा 1 से 10 के लिए हिंदी, मराठी और अंग्रेज़ी में एक AI ट्यूटर बना रहा है, जो एक कदम समझाता है और बच्चे का काम जाँचता है, पर लिखना बच्चे पर छोड़ता है। यह अभी तैयार हो रहा है और अभी कोई बच्चा इसका इस्तेमाल नहीं करता। जब आज़माने को कुछ हो, तब ख़बर पाने के लिए वेटलिस्ट से जुड़ें।
स्रोत
सभी 5 नवंबर 2026 को जाँचे गए।
- NCERT, जिज्ञासा, कक्षा 6 की विज्ञान पाठ्यपुस्तक (हिंदी), अध्याय 9 "दैनिक जीवन में पृथक्करण विधियाँ", पेज 157 से 175: ncert.nic.in/textbook/pdf/fhcu109.pdf
- NCERT, Curiosity (अंग्रेज़ी संस्करण, Reprint 2026-27), कक्षा 6, अध्याय 9 का अंग्रेज़ी नाम "Methods of Separation in Everyday Life" है: ncert.nic.in/textbook/pdf/fecu109.pdf
अध्याय की परिभाषाएँ, शब्द और पेज-संख्याएँ ऊपर के दस्तावेज़ों से हैं (पेज हिंदी किताब के हैं)। इस पेज की सारी व्याख्याएँ, उदाहरण, प्रश्न और उत्तर हमारे अपने हैं; हर संख्या स्क्रिप्ट से जाँची गई है।
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